जनसंख्या की उम्र बढ़ने का एक व्यावहारिक प्रश्न
जनसंख्या और कम जन्मदर पर चर्चा अक्सर इस बात तक सीमित हो जाती है कि समाज में वृद्ध लोगों का अनुपात कितना है। लेकिन उम्र की संरचना बदलने का असर केवल जनसंख्या के आकार पर नहीं पड़ता। इससे यह प्रश्न भी उठता है कि नियमित रोजगार कब समाप्त हो, पेंशन कब शुरू हो और इन दोनों के बीच व्यक्ति की आय तथा कार्यभूमिका कैसे बनी रहे।
जापान में सेवानिवृत्त सरकारी कर्मचारियों से किए गए जीवन-स्थिति सर्वेक्षण के उत्तर इस व्यावहारिक समस्या को समझने का अवसर देते हैं। सर्वेक्षण में उन लोगों से पूछा गया था जो सेवानिवृत्ति की आयु बढ़ाने को उपयुक्त मानते थे कि वे ऐसा क्यों सोचते हैं। यह जनसंख्या के पूरे हिस्से की राय नहीं, बल्कि एक विशेष पेशागत समूह के अनुभवों से प्राप्त संकेत है। फिर भी इससे स्पष्ट होता है कि अधिक उम्र तक काम करने की व्यवस्था को केवल श्रम की कमी का उपाय मानना पर्याप्त नहीं है।
उत्तरों में दिखाई देने वाली अलग-अलग जरूरतें
सर्वेक्षण में एक से अधिक उत्तर दिए जा सकते थे। इसलिए नीचे दी गई संख्याओं को जोड़कर उत्तरदाताओं की कुल संख्या या उनका प्रतिशत निकालना उचित नहीं होगा।
| सेवानिवृत्ति की आयु बढ़ाने के समर्थन का आधार | उत्तरों की संख्या और अवधि | इससे उभरता मुद्दा |
| पूर्ण पेंशन शुरू होने की आयु तक रोजगार सुरक्षित रहने की अपेक्षा | 2017年度 में 1757 लोग | नौकरी समाप्त होने और पेंशन शुरू होने के बीच आय का अंतर न बने |
| इच्छा और क्षमता के अनुसार नियुक्ति तथा व्यवहार की संभावना | 2017年度 में 729 लोग | अधिक उम्र में भी भूमिका, जिम्मेदारी और काम की शर्तें व्यक्ति के अनुरूप हों |
2017年度 में 1757 लोगों ने रोजगार की निरंतरता को कारण के रूप में चुना। उस समय सर्वेक्षण में पूर्ण पेंशन शुरू होने की आयु 65 वर्ष बताई गई थी। इस उत्तर का केंद्र “लंबे समय तक काम करना” भर नहीं है। मुख्य चिंता यह है कि संस्थागत सेवानिवृत्ति और पेंशन प्राप्ति के बीच ऐसा खाली समय न बने जिसमें नियमित आय का सहारा कमजोर हो जाए।
इसके विपरीत, 2017年度 में 729 लोगों ने इच्छा और क्षमता के आधार पर नियुक्ति तथा व्यवहार सुनिश्चित किए जाने की संभावना को महत्व दिया। यह उत्तर रोजगार की अवधि से आगे जाकर रोजगार की गुणवत्ता का प्रश्न उठाता है। किसी व्यक्ति को कार्यस्थल पर बनाए रखना और उसकी क्षमता के अनुरूप सार्थक भूमिका देना समान बात नहीं है।
पेंशन तक रोजगार का पुल
जब नौकरी की अंतिम आयु और पूर्ण पेंशन की शुरुआती आयु एक-दूसरे से मेल नहीं खातीं, तब व्यक्ति को परिवार की बचत, अस्थायी काम या किसी अन्य आय-स्रोत पर निर्भर होना पड़ सकता है। दिए गए सर्वेक्षण में सबसे अधिक दिखाई देने वाली चिंता इसी संक्रमण से जुड़ी है।
इसलिए सेवानिवृत्ति की आयु बढ़ाने को केवल “और वर्षों तक काम कराने” की नीति के रूप में पढ़ना अधूरा होगा। सर्वेक्षण के उत्तर इसे आय-सुरक्षा से जोड़ते हैं। कर्मचारी के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण बात यह है कि रोजगार का अंत किसी स्पष्ट वैकल्पिक आय-व्यवस्था से जुड़ा हो।
भारत सहित उन समाजों के पाठकों के लिए भी यह दृष्टिकोण उपयोगी है जहाँ औपचारिक रोजगार, पारिवारिक सहायता, बचत और वृद्धावस्था की आय का मेल अलग-अलग रूप ले सकता है। किसी देश की विशेष पेंशन-व्यवस्था की नकल किए बिना भी एक सामान्य प्रश्न पूछा जा सकता है: काम से बाहर निकलने और वृद्धावस्था की नियमित आय मिलने के बीच की अवधि को संस्थाएँ कैसे संभालती हैं?
उम्र नहीं, क्षमता के अनुसार भूमिका
2017年度 में 729 लोगों का उत्तर एक दूसरी सावधानी की ओर ध्यान दिलाता है। सेवानिवृत्ति की आयु बढ़ा देना अपने आप यह सुनिश्चित नहीं करता कि कर्मचारी की जिम्मेदारी, वेतन, कार्यभार या सम्मान उसकी क्षमता और परिस्थिति के अनुरूप होंगे।
अधिक उम्र वाले कर्मचारी समान स्वास्थ्य, समान कौशल या समान पारिवारिक जिम्मेदारियों वाला एकरूप समूह नहीं होते। इसलिए क्षमता और इच्छा के अनुसार नियुक्ति की मांग कार्यस्थल में लचीलेपन से जुड़ी है। इसका अर्थ यह भी है कि उम्र बढ़ने के साथ कर्मचारी को केवल पुराने पद पर बनाए रखना ही विकल्प नहीं होना चाहिए; उसकी भूमिका का स्वरूप भी विचार का विषय है।
यह अंतर जनसंख्या की उम्र बढ़ने पर होने वाली व्यापक चर्चा में महत्वपूर्ण है। रोजगार की उपलब्धता आय का प्रश्न है, जबकि उपयुक्त नियुक्ति काम की गरिमा और उपयोगिता का प्रश्न है। टिकाऊ व्यवस्था में दोनों पहलुओं को साथ देखना आवश्यक होता है।
इस सर्वेक्षण से क्या निष्कर्ष नहीं निकालना चाहिए
ये आंकड़े सेवानिवृत्त सरकारी कर्मचारियों के सर्वेक्षण से आए हैं। इन्हें सभी कर्मचारियों, निजी क्षेत्र, असंगठित कामगारों या पूरी जापानी जनसंख्या की राय नहीं माना जा सकता। चूँकि प्रश्न में अनेक उत्तर संभव थे, इसलिए 2017年度 के 1757 और 2017年度 के 729 उत्तर परस्पर अलग समूहों को ही दर्शाते हों, यह भी आवश्यक नहीं है।
फिर भी उत्तर नीति-विमर्श के लिए उपयोगी ढाँचा देते हैं। सेवानिवृत्ति की आयु पर विचार करते समय केवल कानूनी सीमा नहीं, बल्कि रोजगार से पेंशन तक आय की निरंतरता और व्यक्ति की क्षमता के अनुसार काम की गुणवत्ता भी देखी जानी चाहिए। जनसंख्या की उम्र बढ़ना इसी कारण केवल वृद्ध लोगों की संख्या का विषय नहीं है; यह जीवन के बाद के चरण में काम, आय और भूमिका को जोड़ने वाली संस्थाओं का प्रश्न भी है।
出典
- 退職公務員生活状況調査(人事院)、第53表「定年年齢の引上げ」が適切と考える理由(複数回答)、201704-201803:https://www.e-stat.go.jp/dbview?sid=0003398648